अत्यन्त सेवाभावी व धर्म परायण महिला थीं निकुंज वासिनी कमला देवी नागार्च : डॉ. गोपाल चतुर्वेदी


गणेशी लाल अग्रवाल अतिथि भवन (दाऊजी की बगीची) में 29 अप्रैल को आयोजित होगी श्रद्धांजलि सभा

वृन्दावन।छीपी गली/पुराना बजाजा स्थित प्रियावल्लभ कुंज में आचार्य विष्णु मोहन नागार्च की माताजी श्रीमती कमला देवी नागार्च का 97 वर्ष की आयु में 27 अप्रैल 2026 को आकस्मिक निकुंज गमन हो गया है।उनका इलाज दिल्ली स्थित सर गंगा राम अस्पताल में चल रहा था।उनका निधन हरिवंश महाप्रभु जयंती से एक दिन पूर्व वृंदावन स्थित प्रिया वल्लभ मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन करते समय हुआ। वे उसी दिन दिल्ली से वृंदावन आई थीं।उनकी अंत्येष्टि  हरिवंश महाप्रभु जयंती ( एकादशी ) के दिन यमुना तट पर अत्यंत गमगीन माहौल में वैदिक रीति रिवाज के साथ हुई।वे अपने पीछे पुत्र, पौत्र, पौत्री, पंथी आदि का भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं।उनके एक पौत्र श्रीहित ललित वल्लभ नागार्च श्रीमद्भागवत के जाने-माने कथा प्रवक्ता है। एक पौत्र मथुरा वृंदावन नगर-निगम के पूर्व पार्षद एवं भाजपा के प्रख्यात राजनेता हैं।उनके अंतिम संस्कार के समय परिवार जनों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

प्रख्यात साहित्यकार "यूपी रत्न" डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि निकुंज वासिनी श्रीमती कमला देवी नागार्च अत्यंत सेवाभावी व धर्म परायण महिला थीं।वे अपनी 97 वर्ष की आयु में भी नित्यप्रति ब्रह्म मुहुर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पूर्ण निष्ठा के साथ गायों की सेवा करती थीं।साथ ही ठाकुरश्री प्रिया वल्लभ लाल की नित्य आरती किया करती थीं।

डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने बताया कि निकुंज वासिनी श्रीमती कमला देवी नागार्च के निकुंज गमन पर एक श्रद्धांजलि सभा 29 अप्रैल 2026 को सायं 05 से 06 बजे तक गुरुकुल रोड स्थित गणेशी लाल अग्रवाल अतिथि भवन (दाऊजी की बगीची) में आयोजित की जाएगी।

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