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रसिक त्रिवेणी से जुड़ी हुई थीं निकुंज वासिनी श्रीमती कमला देवी नागार्च

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(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी) वृन्दावन।गुरुकुल रोड स्थित गणेशी लाल अग्रवाल अतिथि भवन (दाऊजी की बगीची) में हित उत्सव चैरिटेबल ट्रस्ट एवं श्रीहित परमानंद शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।जिसमें प्रियावल्लभ कुंज के अध्यक्ष आचार्य विष्णु मोहन नागार्च की माताजी श्रीमती कमला देवी नागार्च के आकस्मिक निकुंज गमन पर शोक व्यक्त किया गया।साथ ही प्रमुख संतों, विद्वानों, धर्माचार्यों, समाजसेवियों व राजनेताओं के द्वारा उनके चित्रपट के समक्ष पुष्प चढ़ा कर अपनी श्रद्धांजलि व भावांजलि अर्पित की गई। सभा में परम् हितधर्मी डॉ. चन्द्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि निकुंज वासिनी श्रीमती कमला देवी नागार्च रसिक त्रिवेणी से जुड़ी हुई थीं। श्रीधाम वृन्दावन की प्राचीन हरित्रयी उपासनाओं से उनका गहरा संबंध था। श्रीहरिराम व्यासजी महाराज के वंश में उनका जन्म हुआ। 18 वीं शताब्दी के प्रख्यात सन्त एवं वाणीकार श्रीहित परमानंद महाराज (प्राचीन श्रीराधा वल्लभीय परिवार) के वंश में उनका विवाह हुआ और उनके पूज्य परदादा ससुर संत शीतल दास महाराज टटिया स्थान (श्रीहरिदासी परम्परा) के आचार्य गद्दी के महंत थे।जिन...